पंचांग · New Delhi
29 August 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:46
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण प्रतिपदा | तक 09:58 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा | तक 03:42 |
| योगसूर्य + चंद्र | सुकर्मा | तक 06:34 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 09:58 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:56 – 12:47
- राहु कालनया काम न शुरू करें 09:09 – 10:45
- यमगण्डअशुभ 13:58 – 15:34
- गुलिक कालअशुभ 05:57 – 07:33
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:57 – 18:46
- काल 05:57 – 07:33
- शुभ 07:33 – 09:09
- रोग 09:09 – 10:45
- उद्वेग 10:45 – 12:21
- चल 12:21 – 13:58
- लाभ 13:58 – 15:34
- अमृत 15:34 – 17:10
- काल 17:10 – 18:46
☾ रात 18:46 – 05:57
- लाभ 18:46 – 20:10
- उद्वेग 20:10 – 21:34
- शुभ 21:34 – 22:58
- अमृत 22:58 – 00:22
- चल 00:22 – 01:46
- रोग 01:46 – 03:10
- काल 03:10 – 04:33
- लाभ 04:33 – 05:57
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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