पंचांग · New Delhi
30 August 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:45
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण द्वितीया | तक 09:38 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा | तक 03:44 |
| योगसूर्य + चंद्र | शूल | तक 03:44 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 09:38 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:56 – 12:47
- राहु कालनया काम न शुरू करें 17:09 – 18:45
- यमगण्डअशुभ 12:21 – 13:57
- गुलिक कालअशुभ 15:33 – 17:09
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:57 – 18:45
- उद्वेग 05:57 – 07:33
- चल 07:33 – 09:09
- लाभ 09:09 – 10:45
- अमृत 10:45 – 12:21
- काल 12:21 – 13:57
- शुभ 13:57 – 15:33
- रोग 15:33 – 17:09
- उद्वेग 17:09 – 18:45
☾ रात 18:45 – 05:58
- शुभ 18:45 – 20:09
- अमृत 20:09 – 21:33
- चल 21:33 – 22:57
- रोग 22:57 – 00:21
- काल 00:21 – 01:46
- लाभ 01:46 – 03:10
- उद्वेग 03:10 – 04:34
- शुभ 04:34 – 05:58
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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