पंचांग · New Delhi
31 August 2026
सोमवार · स्वामी चंद्र
सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:44
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण तृतीया | तक 08:52 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रेवती | तक 03:23 |
| योगसूर्य + चंद्र | गण्ड | तक 01:49 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 08:52 |
| वारवार | सोमवार | चंद्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:55 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 07:34 – 09:09
- यमगण्डअशुभ 10:45 – 12:21
- गुलिक कालअशुभ 13:57 – 15:32
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:58 – 18:44
- अमृत 05:58 – 07:34
- काल 07:34 – 09:09
- शुभ 09:09 – 10:45
- रोग 10:45 – 12:21
- उद्वेग 12:21 – 13:57
- चल 13:57 – 15:32
- लाभ 15:32 – 17:08
- अमृत 17:08 – 18:44
☾ रात 18:44 – 05:58
- चल 18:44 – 20:08
- रोग 20:08 – 21:32
- काल 21:32 – 22:57
- लाभ 22:57 – 00:21
- उद्वेग 00:21 – 01:45
- शुभ 01:45 – 03:10
- अमृत 03:10 – 04:34
- चल 04:34 – 05:58
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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