पंचांग · New Delhi
02 September 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:42
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण पंचमी | तक 06:13 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | भरणी | तक 01:42 |
| योगसूर्य + चंद्र | ध्रुव | तक 21:11 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 06:13 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:55 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:20 – 13:56
- यमगण्डअशुभ 07:34 – 09:10
- गुलिक कालअशुभ 10:45 – 12:20
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:59 – 18:42
- लाभ 05:59 – 07:34
- अमृत 07:34 – 09:10
- काल 09:10 – 10:45
- शुभ 10:45 – 12:20
- रोग 12:20 – 13:56
- उद्वेग 13:56 – 15:31
- चल 15:31 – 17:06
- लाभ 17:06 – 18:42
☾ रात 18:42 – 05:59
- उद्वेग 18:42 – 20:06
- शुभ 20:06 – 21:31
- अमृत 21:31 – 22:56
- चल 22:56 – 00:20
- रोग 00:20 – 01:45
- काल 01:45 – 03:10
- लाभ 03:10 – 04:35
- उद्वेग 04:35 – 05:59
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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