पंचांग · New Delhi
03 September 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:40
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण सप्तमी | तक 02:26 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | कृत्तिका | तक 00:29 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्याघात | तक 18:32 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 15:28 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:55 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:55 – 15:30
- यमगण्डअशुभ 05:59 – 07:35
- गुलिक कालअशुभ 09:10 – 10:45
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:59 – 18:40
- शुभ 05:59 – 07:35
- रोग 07:35 – 09:10
- उद्वेग 09:10 – 10:45
- चल 10:45 – 12:20
- लाभ 12:20 – 13:55
- अमृत 13:55 – 15:30
- काल 15:30 – 17:05
- शुभ 17:05 – 18:40
☾ रात 18:40 – 06:00
- अमृत 18:40 – 20:05
- चल 20:05 – 21:30
- रोग 21:30 – 22:55
- काल 22:55 – 00:20
- लाभ 00:20 – 01:45
- उद्वेग 01:45 – 03:10
- शुभ 03:10 – 04:35
- अमृत 04:35 – 06:00
शुभ सामान्य बचें
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