पंचांग · New Delhi
04 September 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:39
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण अष्टमी | तक 00:14 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रोहिणी | तक 23:04 |
| योगसूर्य + चंद्र | हर्षण | तक 15:42 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 13:21 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:54 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:45 – 12:20
- यमगण्डअशुभ 15:29 – 17:04
- गुलिक कालअशुभ 07:35 – 09:10
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:00 – 18:39
- चल 06:00 – 07:35
- लाभ 07:35 – 09:10
- अमृत 09:10 – 10:45
- काल 10:45 – 12:20
- शुभ 12:20 – 13:54
- रोग 13:54 – 15:29
- उद्वेग 15:29 – 17:04
- चल 17:04 – 18:39
☾ रात 18:39 – 06:00
- रोग 18:39 – 20:04
- काल 20:04 – 21:30
- लाभ 21:30 – 22:55
- उद्वेग 22:55 – 00:20
- शुभ 00:20 – 01:45
- अमृत 01:45 – 03:10
- चल 03:10 – 04:35
- रोग 04:35 – 06:00
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें