पंचांग · New Delhi
09 September 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:33
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण त्रयोदशी | तक 12:31 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | आश्लेषा | तक 15:14 |
| योगसूर्य + चंद्र | शिव | तक 21:51 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 12:31 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:53 – 12:43
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:18 – 13:52
- यमगण्डअशुभ 07:36 – 09:10
- गुलिक कालअशुभ 10:44 – 12:18
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:02 – 18:33
- लाभ 06:02 – 07:36
- अमृत 07:36 – 09:10
- काल 09:10 – 10:44
- शुभ 10:44 – 12:18
- रोग 12:18 – 13:52
- उद्वेग 13:52 – 15:26
- चल 15:26 – 16:59
- लाभ 16:59 – 18:33
☾ रात 18:33 – 06:03
- उद्वेग 18:33 – 20:00
- शुभ 20:00 – 21:26
- अमृत 21:26 – 22:52
- चल 22:52 – 00:18
- रोग 00:18 – 01:44
- काल 01:44 – 03:10
- लाभ 03:10 – 04:37
- उद्वेग 04:37 – 06:03
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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