पंचांग · New Delhi
10 September 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:32
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्दशी | तक 10:34 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मघा | तक 14:04 |
| योगसूर्य + चंद्र | सिद्ध | तक 19:16 |
| करणआधी तिथि | शकुनि | तक 10:34 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:53 – 12:42
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:51 – 15:25
- यमगण्डअशुभ 06:03 – 07:36
- गुलिक कालअशुभ 09:10 – 10:44
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:03 – 18:32
- शुभ 06:03 – 07:36
- रोग 07:36 – 09:10
- उद्वेग 09:10 – 10:44
- चल 10:44 – 12:18
- लाभ 12:18 – 13:51
- अमृत 13:51 – 15:25
- काल 15:25 – 16:59
- शुभ 16:59 – 18:32
☾ रात 18:32 – 06:03
- अमृत 18:32 – 19:59
- चल 19:59 – 21:25
- रोग 21:25 – 22:51
- काल 22:51 – 00:18
- लाभ 00:18 – 01:44
- उद्वेग 01:44 – 03:11
- शुभ 03:11 – 04:37
- अमृत 04:37 – 06:03
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें