पंचांग · New Delhi
11 September 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:31
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण अमावस्या | तक 08:57 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी | तक 13:16 |
| योगसूर्य + चंद्र | साध्य | तक 17:00 |
| करणआधी तिथि | नाग | तक 08:57 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:52 – 12:42
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:44 – 12:17
- यमगण्डअशुभ 15:24 – 16:58
- गुलिक कालअशुभ 07:37 – 09:10
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:03 – 18:31
- चल 06:03 – 07:37
- लाभ 07:37 – 09:10
- अमृत 09:10 – 10:44
- काल 10:44 – 12:17
- शुभ 12:17 – 13:51
- रोग 13:51 – 15:24
- उद्वेग 15:24 – 16:58
- चल 16:58 – 18:31
☾ रात 18:31 – 06:04
- रोग 18:31 – 19:58
- काल 19:58 – 21:24
- लाभ 21:24 – 22:51
- उद्वेग 22:51 – 00:17
- शुभ 00:17 – 01:44
- अमृत 01:44 – 03:11
- चल 03:11 – 04:37
- रोग 04:37 – 06:04
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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