पंचांग · New Delhi
14 September 2026
सोमवार · स्वामी चंद्र
सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:27
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 07:08 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | चित्रा | तक 13:54 |
| योगसूर्य + चंद्र | ब्रह्म | तक 12:45 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 07:08 |
| वारवार | सोमवार | चंद्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:41
- राहु कालनया काम न शुरू करें 07:38 – 09:10
- यमगण्डअशुभ 10:43 – 12:16
- गुलिक कालअशुभ 13:49 – 15:22
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:05 – 18:27
- अमृत 06:05 – 07:38
- काल 07:38 – 09:10
- शुभ 09:10 – 10:43
- रोग 10:43 – 12:16
- उद्वेग 12:16 – 13:49
- चल 13:49 – 15:22
- लाभ 15:22 – 16:55
- अमृत 16:55 – 18:27
☾ रात 18:27 – 06:05
- चल 18:27 – 19:55
- रोग 19:55 – 21:22
- काल 21:22 – 22:49
- लाभ 22:49 – 00:16
- उद्वेग 00:16 – 01:44
- शुभ 01:44 – 03:11
- अमृत 03:11 – 04:38
- चल 04:38 – 06:05
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें