पंचांग · New Delhi
16 September 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:25
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल पंचमी | तक 09:00 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | विशाखा | तक 17:22 |
| योगसूर्य + चंद्र | वैधृति | तक 12:21 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 09:00 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:40
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:15 – 13:48
- यमगण्डअशुभ 07:38 – 09:11
- गुलिक कालअशुभ 10:43 – 12:15
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:06 – 18:25
- लाभ 06:06 – 07:38
- अमृत 07:38 – 09:11
- काल 09:11 – 10:43
- शुभ 10:43 – 12:15
- रोग 12:15 – 13:48
- उद्वेग 13:48 – 15:20
- चल 15:20 – 16:53
- लाभ 16:53 – 18:25
☾ रात 18:25 – 06:06
- उद्वेग 18:25 – 19:53
- शुभ 19:53 – 21:20
- अमृत 21:20 – 22:48
- चल 22:48 – 00:16
- रोग 00:16 – 01:43
- काल 01:43 – 03:11
- लाभ 03:11 – 04:39
- उद्वेग 04:39 – 06:06
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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