पंचांग · New Delhi
17 September 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:24
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल षष्ठी | तक 10:49 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अनुराधा | तक 19:53 |
| योगसूर्य + चंद्र | विष्कुम्भ | तक 12:48 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 10:49 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:40
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:47 – 15:19
- यमगण्डअशुभ 06:06 – 07:38
- गुलिक कालअशुभ 09:11 – 10:43
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:06 – 18:24
- शुभ 06:06 – 07:38
- रोग 07:38 – 09:11
- उद्वेग 09:11 – 10:43
- चल 10:43 – 12:15
- लाभ 12:15 – 13:47
- अमृत 13:47 – 15:19
- काल 15:19 – 16:52
- शुभ 16:52 – 18:24
☾ रात 18:24 – 06:07
- अमृत 18:24 – 19:52
- चल 19:52 – 21:20
- रोग 21:20 – 22:47
- काल 22:47 – 00:15
- लाभ 00:15 – 01:43
- उद्वेग 01:43 – 03:11
- शुभ 03:11 – 04:39
- अमृत 04:39 – 06:07
शुभ सामान्य बचें
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