पंचांग · New Delhi
18 September 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:23
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल सप्तमी | तक 13:02 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | ज्येष्ठा | तक 22:44 |
| योगसूर्य + चंद्र | प्रीति | तक 13:33 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 13:02 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:39
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:43 – 12:15
- यमगण्डअशुभ 15:19 – 16:51
- गुलिक कालअशुभ 07:39 – 09:11
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:07 – 18:23
- चल 06:07 – 07:39
- लाभ 07:39 – 09:11
- अमृत 09:11 – 10:43
- काल 10:43 – 12:15
- शुभ 12:15 – 13:47
- रोग 13:47 – 15:19
- उद्वेग 15:19 – 16:51
- चल 16:51 – 18:23
☾ रात 18:23 – 06:07
- रोग 18:23 – 19:51
- काल 19:51 – 21:19
- लाभ 21:19 – 22:47
- उद्वेग 22:47 – 00:15
- शुभ 00:15 – 01:43
- अमृत 01:43 – 03:11
- चल 03:11 – 04:39
- रोग 04:39 – 06:07
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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