पंचांग · New Delhi
23 September 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:17
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल द्वादशी | तक 22:51 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | श्रवण | तक 09:08 |
| योगसूर्य + चंद्र | सुकर्मा | तक 16:25 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 10:22 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:49 – 12:37
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:13 – 13:44
- यमगण्डअशुभ 07:40 – 09:11
- गुलिक कालअशुभ 10:42 – 12:13
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:09 – 18:17
- लाभ 06:09 – 07:40
- अमृत 07:40 – 09:11
- काल 09:11 – 10:42
- शुभ 10:42 – 12:13
- रोग 12:13 – 13:44
- उद्वेग 13:44 – 15:15
- चल 15:15 – 16:46
- लाभ 16:46 – 18:17
☾ रात 18:17 – 06:10
- उद्वेग 18:17 – 19:46
- शुभ 19:46 – 21:15
- अमृत 21:15 – 22:44
- चल 22:44 – 00:13
- रोग 00:13 – 01:42
- काल 01:42 – 03:11
- लाभ 03:11 – 04:41
- उद्वेग 04:41 – 06:10
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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