पंचांग · New Delhi
24 September 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:15
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल त्रयोदशी | तक 23:19 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | धनिष्ठा | तक 10:35 |
| योगसूर्य + चंद्र | धृति | तक 15:53 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 11:10 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:48 – 12:37
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:43 – 15:14
- यमगण्डअशुभ 06:10 – 07:40
- गुलिक कालअशुभ 09:11 – 10:42
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:10 – 18:15
- शुभ 06:10 – 07:40
- रोग 07:40 – 09:11
- उद्वेग 09:11 – 10:42
- चल 10:42 – 12:13
- लाभ 12:13 – 13:43
- अमृत 13:43 – 15:14
- काल 15:14 – 16:45
- शुभ 16:45 – 18:15
☾ रात 18:15 – 06:10
- अमृत 18:15 – 19:45
- चल 19:45 – 21:14
- रोग 21:14 – 22:43
- काल 22:43 – 00:13
- लाभ 00:13 – 01:42
- उद्वेग 01:42 – 03:11
- शुभ 03:11 – 04:41
- अमृत 04:41 – 06:10
शुभ सामान्य बचें
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