पंचांग · New Delhi
25 September 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:14
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल चतुर्दशी | तक 23:08 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | शतभिषा | तक 11:22 |
| योगसूर्य + चंद्र | शूल | तक 14:49 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 11:18 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:48 – 12:36
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:42 – 12:12
- यमगण्डअशुभ 15:13 – 16:44
- गुलिक कालअशुभ 07:41 – 09:11
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:10 – 18:14
- चल 06:10 – 07:41
- लाभ 07:41 – 09:11
- अमृत 09:11 – 10:42
- काल 10:42 – 12:12
- शुभ 12:12 – 13:43
- रोग 13:43 – 15:13
- उद्वेग 15:13 – 16:44
- चल 16:44 – 18:14
☾ रात 18:14 – 06:11
- रोग 18:14 – 19:44
- काल 19:44 – 21:13
- लाभ 21:13 – 22:43
- उद्वेग 22:43 – 00:12
- शुभ 00:12 – 01:42
- अमृत 01:42 – 03:12
- चल 03:12 – 04:41
- रोग 04:41 – 06:11
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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