पंचांग · New Delhi
30 September 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:08
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्थी | तक 14:56 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | भरणी | तक 07:36 |
| योगसूर्य + चंद्र | वज्र | तक 00:19 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 14:56 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:47 – 12:34
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:11 – 13:40
- यमगण्डअशुभ 07:42 – 09:12
- गुलिक कालअशुभ 10:41 – 12:11
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:13 – 18:08
- लाभ 06:13 – 07:42
- अमृत 07:42 – 09:12
- काल 09:12 – 10:41
- शुभ 10:41 – 12:11
- रोग 12:11 – 13:40
- उद्वेग 13:40 – 15:09
- चल 15:09 – 16:39
- लाभ 16:39 – 18:08
☾ रात 18:08 – 06:13
- उद्वेग 18:08 – 19:39
- शुभ 19:39 – 21:10
- अमृत 21:10 – 22:40
- चल 22:40 – 00:11
- रोग 00:11 – 01:41
- काल 01:41 – 03:12
- लाभ 03:12 – 04:43
- उद्वेग 04:43 – 06:13
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें