पंचांग · New Delhi
01 October 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:07
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण पंचमी | तक 12:36 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रोहिणी | तक 04:27 |
| योगसूर्य + चंद्र | सिद्धि | तक 21:17 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 12:36 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:46 – 12:34
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:39 – 15:09
- यमगण्डअशुभ 06:13 – 07:42
- गुलिक कालअशुभ 09:12 – 10:41
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:13 – 18:07
- शुभ 06:13 – 07:42
- रोग 07:42 – 09:12
- उद्वेग 09:12 – 10:41
- चल 10:41 – 12:10
- लाभ 12:10 – 13:39
- अमृत 13:39 – 15:09
- काल 15:09 – 16:38
- शुभ 16:38 – 18:07
☾ रात 18:07 – 06:14
- अमृत 18:07 – 19:38
- चल 19:38 – 21:09
- रोग 21:09 – 22:40
- काल 22:40 – 00:10
- लाभ 00:10 – 01:41
- उद्वेग 01:41 – 03:12
- शुभ 03:12 – 04:43
- अमृत 04:43 – 06:14
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें