पंचांग · New Delhi
02 October 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:06
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण षष्ठी | तक 10:16 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मृगशिरा | तक 02:54 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्यतीपात | तक 18:16 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 10:16 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:46 – 12:34
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:41 – 12:10
- यमगण्डअशुभ 15:08 – 16:37
- गुलिक कालअशुभ 07:43 – 09:12
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:14 – 18:06
- चल 06:14 – 07:43
- लाभ 07:43 – 09:12
- अमृत 09:12 – 10:41
- काल 10:41 – 12:10
- शुभ 12:10 – 13:39
- रोग 13:39 – 15:08
- उद्वेग 15:08 – 16:37
- चल 16:37 – 18:06
☾ रात 18:06 – 06:14
- रोग 18:06 – 19:37
- काल 19:37 – 21:08
- लाभ 21:08 – 22:39
- उद्वेग 22:39 – 00:10
- शुभ 00:10 – 01:41
- अमृत 01:41 – 03:12
- चल 03:12 – 04:43
- रोग 04:43 – 06:14
शुभ सामान्य बचें
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