पंचांग · New Delhi
03 October 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:05
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण सप्तमी | तक 08:00 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | आर्द्रा | तक 01:29 |
| योगसूर्य + चंद्र | वरीयान | तक 15:20 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 08:00 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:46 – 12:33
- राहु कालनया काम न शुरू करें 09:12 – 10:41
- यमगण्डअशुभ 13:38 – 15:07
- गुलिक कालअशुभ 06:14 – 07:43
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:14 – 18:05
- काल 06:14 – 07:43
- शुभ 07:43 – 09:12
- रोग 09:12 – 10:41
- उद्वेग 10:41 – 12:10
- चल 12:10 – 13:38
- लाभ 13:38 – 15:07
- अमृत 15:07 – 16:36
- काल 16:36 – 18:05
☾ रात 18:05 – 06:15
- लाभ 18:05 – 19:36
- उद्वेग 19:36 – 21:07
- शुभ 21:07 – 22:39
- अमृत 22:39 – 00:10
- चल 00:10 – 01:41
- रोग 01:41 – 03:12
- काल 03:12 – 04:44
- लाभ 04:44 – 06:15
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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