पंचांग · New Delhi
04 October 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:04
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण नवमी | तक 03:54 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पुनर्वसु | तक 00:13 |
| योगसूर्य + चंद्र | परिघ | तक 12:31 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 16:52 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:46 – 12:33
- राहु कालनया काम न शुरू करें 16:35 – 18:04
- यमगण्डअशुभ 12:09 – 13:38
- गुलिक कालअशुभ 15:06 – 16:35
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:15 – 18:04
- उद्वेग 06:15 – 07:43
- चल 07:43 – 09:12
- लाभ 09:12 – 10:41
- अमृत 10:41 – 12:09
- काल 12:09 – 13:38
- शुभ 13:38 – 15:06
- रोग 15:06 – 16:35
- उद्वेग 16:35 – 18:04
☾ रात 18:04 – 06:15
- शुभ 18:04 – 19:35
- अमृत 19:35 – 21:07
- चल 21:07 – 22:38
- रोग 22:38 – 00:10
- काल 00:10 – 01:41
- लाभ 01:41 – 03:12
- उद्वेग 03:12 – 04:44
- शुभ 04:44 – 06:15
शुभ सामान्य बचें
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