पंचांग · New Delhi
07 October 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:00
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण द्वादशी | तक 23:17 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मघा | तक 21:40 |
| योगसूर्य + चंद्र | शुभ | तक 02:50 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 11:54 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:45 – 12:32
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:08 – 13:36
- यमगण्डअशुभ 07:44 – 09:12
- गुलिक कालअशुभ 10:40 – 12:08
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:16 – 18:00
- लाभ 06:16 – 07:44
- अमृत 07:44 – 09:12
- काल 09:12 – 10:40
- शुभ 10:40 – 12:08
- रोग 12:08 – 13:36
- उद्वेग 13:36 – 15:04
- चल 15:04 – 16:32
- लाभ 16:32 – 18:00
☾ रात 18:00 – 06:17
- उद्वेग 18:00 – 19:32
- शुभ 19:32 – 21:04
- अमृत 21:04 – 22:37
- चल 22:37 – 00:09
- रोग 00:09 – 01:41
- काल 01:41 – 03:13
- लाभ 03:13 – 04:45
- उद्वेग 04:45 – 06:17
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें