पंचांग · New Delhi
08 October 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:59
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण त्रयोदशी | तक 22:17 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी | तक 21:20 |
| योगसूर्य + चंद्र | शुक्ल | तक 00:57 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 10:45 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:45 – 12:31
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:36 – 15:04
- यमगण्डअशुभ 06:17 – 07:45
- गुलिक कालअशुभ 09:13 – 10:40
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:17 – 17:59
- शुभ 06:17 – 07:45
- रोग 07:45 – 09:13
- उद्वेग 09:13 – 10:40
- चल 10:40 – 12:08
- लाभ 12:08 – 13:36
- अमृत 13:36 – 15:04
- काल 15:04 – 16:31
- शुभ 16:31 – 17:59
☾ रात 17:59 – 06:18
- अमृत 17:59 – 19:31
- चल 19:31 – 21:04
- रोग 21:04 – 22:36
- काल 22:36 – 00:08
- लाभ 00:08 – 01:41
- उद्वेग 01:41 – 03:13
- शुभ 03:13 – 04:45
- अमृत 04:45 – 06:18
शुभ सामान्य बचें
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