पंचांग · New Delhi
09 October 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:58
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्दशी | तक 21:37 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी | तक 21:19 |
| योगसूर्य + चंद्र | ब्रह्म | तक 23:19 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 09:54 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:44 – 12:31
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:40 – 12:08
- यमगण्डअशुभ 15:03 – 16:30
- गुलिक कालअशुभ 07:45 – 09:13
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:18 – 17:58
- चल 06:18 – 07:45
- लाभ 07:45 – 09:13
- अमृत 09:13 – 10:40
- काल 10:40 – 12:08
- शुभ 12:08 – 13:35
- रोग 13:35 – 15:03
- उद्वेग 15:03 – 16:30
- चल 16:30 – 17:58
☾ रात 17:58 – 06:18
- रोग 17:58 – 19:31
- काल 19:31 – 21:03
- लाभ 21:03 – 22:36
- उद्वेग 22:36 – 00:08
- शुभ 00:08 – 01:41
- अमृत 01:41 – 03:13
- चल 03:13 – 04:46
- रोग 04:46 – 06:18
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें