पंचांग · New Delhi
10 October 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:57
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण अमावस्या | तक 21:20 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | हस्त | तक 21:42 |
| योगसूर्य + चंद्र | इन्द्र | तक 22:01 |
| करणआधी तिथि | चतुष्पाद | तक 09:25 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:44 – 12:31
- राहु कालनया काम न शुरू करें 09:13 – 10:40
- यमगण्डअशुभ 13:35 – 15:02
- गुलिक कालअशुभ 06:18 – 07:45
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:18 – 17:57
- काल 06:18 – 07:45
- शुभ 07:45 – 09:13
- रोग 09:13 – 10:40
- उद्वेग 10:40 – 12:08
- चल 12:08 – 13:35
- लाभ 13:35 – 15:02
- अमृत 15:02 – 16:30
- काल 16:30 – 17:57
☾ रात 17:57 – 06:19
- लाभ 17:57 – 19:30
- उद्वेग 19:30 – 21:02
- शुभ 21:02 – 22:35
- अमृत 22:35 – 00:08
- चल 00:08 – 01:41
- रोग 01:41 – 03:13
- काल 03:13 – 04:46
- लाभ 04:46 – 06:19
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें