पंचांग · New Delhi
14 October 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
17:53
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल चतुर्थी | तक 01:14 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अनुराधा | तक 04:02 |
| योगसूर्य + चंद्र | आयुष्मान | तक 20:37 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 12:18 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:43 – 12:30
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:07 – 13:33
- यमगण्डअशुभ 07:47 – 09:13
- गुलिक कालअशुभ 10:40 – 12:07
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:20 – 17:53
- लाभ 06:20 – 07:47
- अमृत 07:47 – 09:13
- काल 09:13 – 10:40
- शुभ 10:40 – 12:07
- रोग 12:07 – 13:33
- उद्वेग 13:33 – 15:00
- चल 15:00 – 16:26
- लाभ 16:26 – 17:53
☾ रात 17:53 – 06:21
- उद्वेग 17:53 – 19:26
- शुभ 19:26 – 21:00
- अमृत 21:00 – 22:33
- चल 22:33 – 00:07
- रोग 00:07 – 01:40
- काल 01:40 – 03:14
- लाभ 03:14 – 04:48
- उद्वेग 04:48 – 06:21
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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