पंचांग · New Delhi
15 October 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:52
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल पंचमी | तक 03:26 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | ज्येष्ठा | तक 06:47 |
| योगसूर्य + चंद्र | सौभाग्य | तक 21:13 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 14:17 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:43 – 12:29
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:33 – 14:59
- यमगण्डअशुभ 06:21 – 07:47
- गुलिक कालअशुभ 09:14 – 10:40
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:21 – 17:52
- शुभ 06:21 – 07:47
- रोग 07:47 – 09:14
- उद्वेग 09:14 – 10:40
- चल 10:40 – 12:06
- लाभ 12:06 – 13:33
- अमृत 13:33 – 14:59
- काल 14:59 – 16:25
- शुभ 16:25 – 17:52
☾ रात 17:52 – 06:22
- अमृत 17:52 – 19:25
- चल 19:25 – 20:59
- रोग 20:59 – 22:33
- काल 22:33 – 00:07
- लाभ 00:07 – 01:40
- उद्वेग 01:40 – 03:14
- शुभ 03:14 – 04:48
- अमृत 04:48 – 06:22
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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