पंचांग · Bengaluru
17 July 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:50
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 06:29 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मघा | तक 18:34 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्यतीपात | तक 22:44 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 06:29 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:00 – 12:51
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:49 – 12:25
- यमगण्डअशुभ 15:37 – 17:14
- गुलिक कालअशुभ 07:37 – 09:13
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 06:01 – 18:50
- चल 06:01 – 07:37
- लाभ 07:37 – 09:13
- अमृत 09:13 – 10:49
- काल 10:49 – 12:25
- शुभ 12:25 – 14:01
- रोग 14:01 – 15:37
- उद्वेग 15:37 – 17:14
- चल 17:14 – 18:50
☾ रात 18:50 – 06:01
- रोग 18:50 – 20:14
- काल 20:14 – 21:38
- लाभ 21:38 – 23:01
- उद्वेग 23:01 – 00:25
- शुभ 00:25 – 01:49
- अमृत 01:49 – 03:13
- चल 03:13 – 04:37
- रोग 04:37 – 06:01
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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