पंचांग · Kolkata
17 July 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:01
सूर्यास्त
18:23
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल पंचमी | तक 03:43 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी | तक 18:00 |
| योगसूर्य + चंद्र | वरीयान | तक 20:44 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 16:08 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:15 – 12:09
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:02 – 11:42
- यमगण्डअशुभ 15:03 – 16:43
- गुलिक कालअशुभ 06:42 – 08:22
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:01 – 18:23
- चल 05:01 – 06:42
- लाभ 06:42 – 08:22
- अमृत 08:22 – 10:02
- काल 10:02 – 11:42
- शुभ 11:42 – 13:22
- रोग 13:22 – 15:03
- उद्वेग 15:03 – 16:43
- चल 16:43 – 18:23
☾ रात 18:23 – 05:02
- रोग 18:23 – 19:43
- काल 19:43 – 21:03
- लाभ 21:03 – 22:23
- उद्वेग 22:23 – 23:42
- शुभ 23:42 – 01:02
- अमृत 01:02 – 02:22
- चल 02:22 – 03:42
- रोग 03:42 – 05:02
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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