पंचांग · Jaipur
17 July 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
19:22
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 06:28 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मघा | तक 18:34 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्यतीपात | तक 22:44 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 06:28 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:05 – 13:00
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:50 – 12:32
- यमगण्डअशुभ 15:57 – 17:40
- गुलिक कालअशुभ 07:25 – 09:08
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:43 – 19:22
- चल 05:43 – 07:25
- लाभ 07:25 – 09:08
- अमृत 09:08 – 10:50
- काल 10:50 – 12:32
- शुभ 12:32 – 14:15
- रोग 14:15 – 15:57
- उद्वेग 15:57 – 17:40
- चल 17:40 – 19:22
☾ रात 19:22 – 05:43
- रोग 19:22 – 20:40
- काल 20:40 – 21:57
- लाभ 21:57 – 23:15
- उद्वेग 23:15 – 00:33
- शुभ 00:33 – 01:50
- अमृत 01:50 – 03:08
- चल 03:08 – 04:26
- रोग 04:26 – 05:43
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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