पंचांग · New Delhi
17 July 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
19:20
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 06:29 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मघा | तक 18:34 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्यतीपात | तक 22:44 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 06:29 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:59 – 12:54
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:43 – 12:27
- यमगण्डअशुभ 15:53 – 17:37
- गुलिक कालअशुभ 07:17 – 09:00
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:33 – 19:20
- चल 05:33 – 07:17
- लाभ 07:17 – 09:00
- अमृत 09:00 – 10:43
- काल 10:43 – 12:27
- शुभ 12:27 – 14:10
- रोग 14:10 – 15:53
- उद्वेग 15:53 – 17:37
- चल 17:37 – 19:20
☾ रात 19:20 – 05:34
- रोग 19:20 – 20:37
- काल 20:37 – 21:53
- लाभ 21:53 – 23:10
- उद्वेग 23:10 – 00:27
- शुभ 00:27 – 01:44
- अमृत 01:44 – 03:00
- चल 03:00 – 04:17
- रोग 04:17 – 05:34
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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